जनादेश से घबराई सुक्खू सरकार हॉर्स ट्रेडिंग में जुटी, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव जानबूझकर टाले जा रहे हैं : जयराम ठाकुर

जनादेश से घबराई सुक्खू सरकार हॉर्स ट्रेडिंग में जुटी, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव जानबूझकर टाले जा रहे हैं : जयराम ठाकुर

70% पंचायतों में भाजपा समर्थित प्रधान-उपप्रधान, कांग्रेस की हार से सरकार बौखलाई : जयराम ठाकुर

जनादेश का अपमान करने वाले अधिकारियों की बनेगी सूची, कोर्ट से सड़क तक लड़ेगी भाजपा : जयराम ठाकुर

हिमाइना न्यूज, ब्यूरो।

शिमला, 27 जून। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर पंचायत एवं नगर निकाय चुनावों के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और जनादेश का अपमान करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव जानबूझकर टाल रही है ताकि हॉर्स ट्रेडिंग और जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने का अवसर मिल सके।

जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार पहले हरसंभव प्रयास कर चुनाव टालना चाहती थी, लेकिन उच्च न्यायालय और बाद में सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद चुनाव कराना पड़ा। अब चुनाव परिणाम आने के बाद सरकार अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव लंबित रखकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि पंचायत चुनावों में लगभग 70 प्रतिशत पंचायतों में भाजपा समर्थित प्रधान और उपप्रधान निर्वाचित हुए हैं, जो प्रदेश की जनता द्वारा कांग्रेस सरकार के खिलाफ दिए गए जनादेश का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनावों में भी भाजपा को व्यापक जनसमर्थन मिला है। धर्मशाला नगर निगम में भाजपा ने 17 में से 11 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि अन्य नगर निकायों में भी पार्टी का प्रदर्शन कांग्रेस से बेहतर रहा।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की 12 जिला परिषदों में से केवल तीन में ही अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव कराए गए और इन तीनों स्थानों पर कांग्रेस अपना उम्मीदवार तक खड़ा नहीं कर सकी। उनका दावा है कि शेष अधिकांश जिला परिषदों में भाजपा के पास बहुमत होने के बावजूद सरकार चुनाव नहीं करा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 92 ब्लॉक समितियों में से केवल 47 में चुनाव हुए, जिनमें 31 स्थानों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि कांग्रेस केवल 16 स्थानों पर जीत दर्ज कर सकी।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित पार्षदों, बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों को डराने-धमकाने के लिए उनके खिलाफ विजिलेंस और अन्य मामलों में झूठे केस दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर उनके परिजनों के तबादले कर प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। सुजानपुर नगर परिषद का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वहां गुप्त मतदान की निर्धारित प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है जो सरकार के दबाव में चुनाव की तिथियां घोषित नहीं कर रहे हैं अथवा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन अधिकारियों की भी सूची बनाई जा रही है जो राजनीतिक दबाव में भाजपा समर्थित निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से पंचायतों और नगर निकायों में मिले जनादेश का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव की तिथियां घोषित नहीं कीं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बंद नहीं किया, तो भारतीय जनता पार्टी न्यायालय से लेकर सड़कों तक आंदोलन को और तेज करेगी।

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