सुंदरनगर में किसान सभा का हल्ला बोल, खाद से स्मार्ट मीटर तक उठाए जनसमस्याओं के मुद्दे
किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को मांगपत्र, सुंदरनगर में किसान सभा ने दी आंदोलन की चेतावनी
सड़क, दूध भुगतान, खाद और स्मार्ट मीटर का मुद्दा गरमाया, किसान सभा ने सरकार से मांगा समाधान
हिमाइना न्यूज, ब्यूरो।
सुंदरनगर। हिमाचल किसान सभा की सुंदरनगर इकाई ने क्षेत्र के किसानों और आम जनता से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर शुक्रवार को उपमंडल अधिकारी (नागरिक) सुंदरनगर अमर सिंह नेगी के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को विस्तृत मांगपत्र सौंपा। किसान सभा का प्रतिनिधिमंडल जगमेल ठाकुर के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचा और सरकार से जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
किसान सभा ने कहा कि सुंदरनगर क्षेत्र के किसान लंबे समय से रोजगार, कृषि, दुग्ध खरीद, सड़क संपर्क, रासायनिक खाद की उपलब्धता, फसल में फैल रहे कीट प्रकोप, आवारा पशुओं, बुनियादी सुविधाओं तथा स्मार्ट बिजली मीटर जैसे मुद्दों से परेशान हैं। सभा का कहना है कि इन समस्याओं के समाधान में हो रही देरी के कारण किसानों और आम जनता को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
किसान सभा के सचिव रामजी दास ने बताया कि मांगपत्र में प्रमुख रूप से ‘विकसित भारत–गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ को स्थानीय फसल चक्र के अनुरूप तत्काल लागू करने की मांग की गई है। इसके साथ ही किसानों को समय पर और उचित दरों पर रासायनिक खाद उपलब्ध करवाने तथा मक्की की फसल में फैल रहे फॉल आर्मीवर्म (शुंडी) की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई।
सभा ने दुग्ध उत्पादक किसानों को प्रत्येक माह नियमित रूप से दूध का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग करते हुए चक्कर दुग्ध शीतकरण केंद्र (चिलिंग सेंटर) और डेयरी प्लांट की क्षमता बढ़ाने की मांग की। किसान सभा के अनुसार, क्षमता बढ़ने से क्षेत्र के सभी दुग्ध उत्पादकों का दूध बिना किसी कटौती के खरीदा जा सकेगा और किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।
किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष जोगिंदर वालिया ने कहा कि क्षेत्र की सड़क और यातायात व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी मांगपत्र में शामिल किए गए हैं। उन्होंने कनैड स्कूल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रस्तावित अंडरपास का शीघ्र निर्माण, नोलखा–भौर मार्ग पर सर्विस रोड और पक्की जल निकासी नालियों के निर्माण की मांग उठाई।
इसके अलावा सुंदरनगर–कपाही सड़क को प्राथमिकता के आधार पर फोरलेन से जोड़ने तथा क्षेत्र की जर्जर संपर्क सड़कों का पुनर्निर्माण करने की मांग भी की गई।
किसान सभा ने उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई। जोगिंदर वालिया ने कहा कि वर्तमान डिजिटल मीटर सुचारु रूप से कार्य कर रहे हैं, ऐसे में उपभोक्ताओं पर करीब 10 हजार रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की।
मांगपत्र में सुंदरनगर क्षेत्र में गोसदन की स्थापना करने तथा चिट्टा, नशे और अन्य मादक पदार्थों के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता एवं जन-अभियान चलाने की मांग भी की गई। किसान सभा ने कहा कि आवारा पशुओं की समस्या से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और इसका स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी
हिमाचल किसान सभा ने प्रदेश सरकार से किसानों और ग्रामीण जनता से जुड़े इन मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध कार्रवाई करने का आग्रह किया। सभा ने चेतावनी दी कि यदि मांगों का निर्धारित समय में समाधान नहीं किया गया तो किसानों और आम जनता को लामबंद कर व्यापक लोकतांत्रिक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
मांगपत्र सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में किसान सभा के सचिव रामजी दास, जगमेल ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष जोगिंदर वालिया, रोशन लाल, हेम राज, श्याम लाल, गोपाल, राजकुमार वर्मा और सुरेंद्र सेन सहित अन्य किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।