
बल्ह की जनसमस्याओं को लेकर किसान सभा ने मुख्यमंत्री को भेजा मांगपत्र, आंदोलन की चेतावनी
खाद, दूध भुगतान से लेकर फ्लाईओवर और स्मार्ट मीटर तक उठे मुद्दे, किसान सभा ने सरकार से मांगा समाधान
बल्ह के किसानों की समस्याओं को लेकर किसान सभा मुखर, मांगें पूरी न हुईं तो जनआंदोलन की चेतावनी
हिमाइना न्यूज, ब्यूरो
मंडी। हिमाचल किसान सभा की बल्ह इकाई ने क्षेत्र के किसानों एवं आम जनता से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को उपमंडल अधिकारी (नागरिक), बल्ह के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को मांगपत्र भेजा। किसान सभा ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों और आम जनता को साथ लेकर जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
किसान सभा के प्रधान प्रेमदास चौधरी की अध्यक्षता में सौंपे गए मांगपत्र में कहा गया कि बल्ह क्षेत्र के किसान लंबे समय से रोजगार, कृषि, दूध, सड़क, खाद, आवारा पशुओं, यातायात और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इन समस्याओं के समाधान में देरी के कारण किसानों और आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सभा के सचिव रामजी दास ने मांगपत्र में प्रमुख रूप से ‘विकसित भारत-गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ को तत्काल लागू करने की मांग उठाई। इसके अलावा किसानों को समय पर और सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध करवाने तथा मक्की की फसल में फैल रही शुंडी (फॉल आर्मीवर्म) की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
किसान सभा ने दुग्ध उत्पादक किसानों को दूध का भुगतान प्रत्येक माह नियमित रूप से करने की मांग भी रखी। साथ ही चक्कर दुग्ध शीतकरण केंद्र (चिलिंग सेंटर) और डेयरी प्लांट की क्षमता बढ़ाने की मांग की गई, ताकि सभी दुग्ध उत्पादकों का दूध बिना किसी कटौती के खरीदा जा सके।
मांगपत्र में डडौर और नागचला में राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रस्तावित फ्लाईओवर/अंडरपास का शीघ्र निर्माण करवाने तथा डडौर-भौर मार्ग पर सर्विस रोड और जल निकासी नालियों का निर्माण करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
किसान सभा के पूर्व अध्यक्ष परस राम ने भंगरोटू खेल मैदान को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग की। उन्होंने नेरचौक नगर परिषद के प्रस्तावित कूड़ा निष्पादन स्थल को आबादी से दूर स्थानांतरित करने, स्मार्ट मीटर लगाने की नीति वापस लेने तथा 300 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना लागू करने की मांग भी रखी।
इसके अलावा वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त श्मशान घाटों और संपर्क मार्गों का पुनर्निर्माण, सियाह-ढावण सड़क पर यातायात जाम की समस्या का स्थायी समाधान तथा बल्ह क्षेत्र में आधुनिक गोसदन की स्थापना की मांग की गई।
किसान सभा ने चिट्टा और अन्य नशे के खिलाफ जन अभियान चलाने की बात भी कही। सभा का कहना है कि क्षेत्र में नशे की समस्या से युवाओं को बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रभावी अभियान चलाने की आवश्यकता है।
हिमाचल किसान सभा, बल्ह इकाई ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि किसानों और ग्रामीण जनता से जुड़े इन जनहित के मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई की जाए। सभा ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों एवं आम जनता को साथ लेकर जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर अध्यक्ष प्रेमदास चौधरी, सचिव रामजी दास, परसराम, नन्द लाल वर्मा, बिहारी चौधरी, गंगा राम, उत्तम चंद, रूप लाल, पदम शर्मा, कैप्टन बलदेव, पूर्ण चंद, जगदीश, रोशन लाल, जोगिन्दर वालिया, हरि राम सहित अन्य किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।