मिसाल : डेयरी व्यवसाय ने बदली चुरूडू के विजय कुमार की किस्मत
20 पशुओं की डेयरी से कमा रहे प्रतिमाह 60 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा
हिमाइना न्यूज, ब्यूरो।
ऊना, 25 नवम्बर। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना और सरकारी योजनाओं का लाभ गरीब तबके तक पहुंचाना किसी भी सरकार की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता को दर्शाता है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा हाल ही में दूध के दामों में की गई बढ़ोतरी ने छोटे पशुपालकों के लिए आय के नए रास्ते खोले हैं। ऊना जिला के कई पशुपालक इस बदलाव का लाभ उठाते हुए अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं। चुरूडू गांव के विजय कुमार इसी परिवर्तन का एक सफल उदाहरण हैं, जिन्होंने डेयरी व्यवसाय को अपनाकर गांव में प्रेरणादायक मिसाल कायम की है।
दो पशुओं से शुरू किया सफर, अब 20 पशुओं का आधुनिक डेयरी फार्म
अंब तहसील के चुरूडू गांव के विजय कुमार पिछले चार वर्षों से डेयरी व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। शुरुआत उन्होंने मात्र दो दुधारू पशुओं से की थी। लेकिन समय-समय पर सरकार द्वारा दूध के दाम बढ़ाए जाने से उन्हें अपने डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाने का भरोसा मिला। आज उनके पास 12 गायें और 8 बछियां हैं और वे पूरी तरह संगठित और आधुनिक ढंग से अपनी डेयरी यूनिट का संचालन कर रहे हैं।
प्रतिमाह 60 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा
विजय कुमार की डेयरी यूनिट से प्रतिमाह लगभग 1 लाख 10 हजार रुपये की आय होती है। चारा, फीड, दवाइयां, बिजली और श्रम सहित सभी खर्चों को घटाने के बाद वे लगभग 60 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा लेते हैं। गांव की परिस्थितियों में यह आय एक मजबूत और स्थायी आर्थिक आधार का संकेत है।
क्या कहते हैं अधिकारी
पशुपालन विभाग ऊना के सहायक निदेशक डॉ. दिनेश परमार ने बताया कि हिमाचल राज्य दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने वाला पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पशुपालकों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 45 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य 55 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर किया है।
उन्होंने बताया कि जिला ऊना में लगभग 70 हजार भैंसें और 50 हजार गायें मौजूद हैं, जिनसे प्रतिदिन करीब 70 हजार लीटर दूध का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला ऊना में डेयरी फार्मिंग लगातार मजबूत स्थिति बना रही है और पशुपालक इससे अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।