हिमाचल के विकास और परिवर्तन की गूंज मंडी में दिखी, ऐतिहासिक रही जनसभा : सुक्खू
तीन वर्षों की उपलब्धियों के साथ आगे बढ़ता हिमाचल- पड्डल मैदान में भव्य जन संकल्प सम्मेलन आयोजित
हिमाइना न्यूज ब्यूरो।
मंडी, 11 दिसंबर। हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आज मंडी के पड्डल मैदान में भव्य जन संकल्प सम्मेलन आयोजित किया गया। प्रदेश भर से आए हजारों लोगों की अभूतपूर्व उपस्थिति ने इसे उत्सवी माहौल बना दिया। सम्मेलन में राज्य की विकास यात्रा, व्यवस्था परिवर्तन, सुशासन, आर्थिक सुधार, सामाजिक कल्याण और जनता की भागीदारी के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का तेजस्वी व प्रभावक रूप प्रदर्शित हुआ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अपने सम्बोधन में कहा कि पिछले तीन वर्ष जनता-हित, पारदर्शिता और प्रणालीगत सुधारों के रहे हैं, जिनका उद्देश्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना, युवाओं को सशक्त बनाना, कमजोर वर्गों को सुरक्षा देना और हिमाचल प्रदेश को समृद्ध, हरित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार की हर योजना का केन्द्र बिन्दु जनता है और हमारा हर निर्णय जनता के विकास, सुुविधा व प्रदेश के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने सत्ता संभाली उस समय प्रदेश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई थी। पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश की आर्थिक सेहत और संपदा के साथ खिलवाड़ किया था। हमने संकल्प लिया कि जो व्यवस्था हमें विरासत में मिली है हम उसे बदलकर एक आत्मनिर्भर और समृद्ध हिमाचल की नींव रखेंगे। उन्होंने कहा कि तीन साल में कांग्रेस सरकार ने ऐतिहासिक और क्रांतिकारी निर्णय लिए हैं। हमने चुनाव के समय 10 गारंटियां दी थीं जिनमें से सात को पूरा कर समाज के विभिन्न वर्गों को बड़ी राहत दी है। प्रदेश के 1,36,000 कर्मचारियों से किए गए ओपीएस के वायदे को पहली कैबिनेट बैठक में पूरा किया और सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को सम्मान व आर्थिक सुरक्षा प्रदान की। प्रदेश सरकार ने जब ओपीएस शुरू की तो केंद्र सरकार ने 1600 करोड़ रुपये की बॉरोइंग बंद कर दी जिससे प्रदेश सरकार को तीन वर्ष में 4800 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से सम्मान राशि के रूप में हर महीने 1500 रुपये प्रदान किया जा रहे हैं। वर्तमान में 35,687 महिलाओं को यह लाभ दिया गया है। पूर्व में अन्य पेंशन योजनाओं से लाभान्वित हो रही 2,37,000 महिलाओं को भी इसके दायरे में लाकर मासिक पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्टअप योजना शुरू की है और प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम शुरू करने की गारंटी को पूरा किया है। राज्य सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गाय के दूध पर 51 रुपये और भैंस के दूध पर 61 रुपये प्रति लीटर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बना है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गोबर खरीदने की योजना शुरू की गई है। बागवानों को बेहतर दाम सुनिश्चित करने के लिए यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली शुरू की गई है और हिमाचल बागवानी नीति बनाने वाला देश का पहला राज्य बना है।
उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने निरंतर नई पहल की और अब तक सरकार 23,200 युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है, जबकि पिछली सरकार 5 वर्षों में केवल 20,000 नौकरियां ही दे पाई थी।
उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार प्रदेश पर 76,185 करोड़ रुपये का कर्ज छोड़कर गई जिसके मूलधन का भुगतान और ब्याज की वापसी हमें करनी पड़ रही है। वर्तमान सरकार को मजबूरी में जो लोन लेना पड़ रहा है उसका 70 प्रतिशत विरासत में मिले कर्ज का मूलधन और ब्याज चुकाने में ही जा रहा है।