भारत सरकार के ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने हिमाचल में एसजेवीएन की जलविद्युत परियोजनाओं का किया निरीक्षण
नाथपा-झाकड़ी से सुन्नी बांध तक—ऊर्जा सचिव ने एसजेवीएन परियोजनाओं की प्रगति का लिया जायज़ा
हिमाचल में जलविद्युत परियोजनाओं को गति देने पर जोर, ऊर्जा सचिव ने समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
हिमाइना न्यूज, ब्यूरो।
शिमला, 1 मई। भारत सरकार के सचिव (विद्युत) पंकज अग्रवाल ने हिमाचल प्रदेश में एसजेवीएन लिमिटेड की विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं का दौरा कर उनके निर्माण एवं संचालन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ अपर सचिव (हाइड्रो एवं ईसी एंड ईटी) दिवाकर नाथ मिश्रा तथा सदस्य (हाइड्रो), सीईए मिलिंद गणेश गोखले भी मौजूद रहे।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन, 210 मेगावाट लूहरी-1 जलविद्युत परियोजना, 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्टेशन तथा 382 मेगावाट सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण किया।
सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा, निदेशक (वित्त) पार्थजीत डे तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।
नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन में ऊर्जा सचिव ने विद्युत गृह का दौरा कर रखरखाव प्रणाली, तकनीकी मानकों और विद्युत उत्पादन उपलब्धियों की जानकारी ली। वहीं रामपुर जलविद्युत स्टेशन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पौधारोपण भी किया।
लूहरी-1 जलविद्युत परियोजना में उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए बांध, विद्युत गृह और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल इंस्टॉलेशन की स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने परियोजना से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ तय समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना के दौरान पंकज अग्रवाल ने सतलुज नदी पर खैरा में निर्मित डबल-लेन स्टील ट्रस ब्रिज का उद्घाटन भी किया। यह पुल परियोजना निर्माण कार्यों को सुगम बनाने के साथ-साथ मंडी और शिमला जिलों की परियोजना प्रभावित पंचायतों की संपर्क व्यवस्था को भी मजबूत करेगा, जिससे स्थानीय लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
ऊर्जा सचिव ने एसजेवीएन टीम के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जलविद्युत परियोजनाएं देश के ऊर्जा उत्पादन लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार नवीकरणीय ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने और जलविद्युत क्षेत्र को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।