जाइका वानिकी परियोजना दिखा रही आत्मनिर्भरता से आमदनी की राह

अंतरराष्ट्रीय रामपुर लवी मेले में हिम ट्रेडिशन उत्पादों पर फ़िदा हुए लोग

-वन मंडल किन्नौर, रामपुर और आनी के 14 स्वयं सहायता समूहों की मेहनत ला रही रंग

हिमाइना न्यूज ब्यूरो।

रामपुर बुशहर, 14 नवंबर। जाइका वानिकी परियोजना प्रदेश के ग्रामीणों को आत्मनिर्भरता से आमदनी की राह दिखा रही है। चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय रामपुर लवी मेले में परियोजना से जुड़े स्वयं सहायता समूहों के हिम ट्रेडिशन ब्रांड के उत्पाद ख़रीदने के लिए लोग काफ़ी उत्साहित दिखे। हर वर्ष की भांति इस बार भी रामपुर लवी में जाइका वानिकी परियोजना से जुड़े विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद यहां बिक्री हो रही है। वन मंडल किन्नौर, रामपुर और आनी के अंतर्गत आने आले 14 स्वयं सहायता समूहों के रसायन मुक्त उत्पादों की खरीद के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। बता दें कि जाइका वानिकी परियोजना के चुल्ली का तेल, राजमाह, कोदे का आटा, घी, किन्नौरी पारंपरिक वस्त्र लोगों की पहली पसंद बन चुकी है। गौरतलब है कि इस परियोजना से जुड़ कर स्वयं सहायता समूह अपनी आजीविका में बेहतरीन सुधार कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदमी में भी बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि लवी मेले में इस तरह के उत्पादों की बिक्री हो रही है, लेकिन जाइका वानिकी परियोजना के स्टॉल पर दूसरों के मुकाबले सस्ते दरों पर उपलब्ध हैं।

परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा ने बताया कि यह परियोजना रसायन मुक्त उत्पादों के साथ-साथ हथकरघा क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य कर रही है। परियोजना से जुड़े विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हथकरघा और बुनाई उत्पादों को नई पहचान मिल रही है। इन समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को हिम ट्रेडिशन ब्रांड के तहत बाजार में बेचा जा रहा है।

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