दीपावली पर मंहगाई भत्ता देना स्वागत योग्य लेकिन 4% की जगह 3% क्यों – विनोद सूद
हिमाइना न्यूज ब्यूरो।
शिमला, 15 अक्तूबर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने दीपावली के शुभ अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने वाले महंगाई भत्ते की घोषणा स्वागत योग्य है।
लेकिन हैरानी की बात है कि 2023 से 4% के दर से महंगाई भत्ते की किस्तें देय हैं। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद सूद ने कहा कि जहां से महंगाई भत्ता देना छूटा है वहीं से महंगाई भत्ते की किस्त दी जानी चाहिए थी जो कि चार प्रतिशत के हिसाब से बनती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस आशय की अधिसूचना शीघ्र जारी करके कर्मचारियों में व्याप्त संशय और असंतोष को दूर करने का सरकार प्रयास करे।
प्रांत मीडिया प्रमुख हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ शशि शर्मा ने मीडिया को जारी अपने बयान में कहा कि यह वित्त विभाग की नालायकी है कि वे बार-बार गलत सूचनाओं देकर मुख्यमंत्री से भ्रमित करने वाली घोषणाएं करवा रहे हैं। वित्त विभाग ने पहले भी कर्मचारियों के राइडर मामले में ऐसी ही त्रुटि पूर्ण अधिसूचना करके शांत प्रदेश में कर्मचारियों के माहौल को गर्मा दिया था। उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों का अधिकार होता है और यह उनकी सेवाओं के बदले और महंगाई के इंडेक्स को देखकर के दिया जाता है ताकि कर्मचारी निरंतर बढ़ती महंगाई के अनुरूप अपने जीवन स्तर को सुचारू रूप से चलाने में सक्षम हो सके लेकिन दुख की बात है कि कर्मचारियों के सब्र का वित्त विभाग इम्तिहान ले रहा है। और अधिकारी स्तर पर कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति ऐसी त्रुटि पूर्ण अधिसूचना के संबंध में कोई बयान जारी नहीं कर रहा है कि इस प्रकार से कर्मचारियों से छल क्यों किया जा रहा है?
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के सभी प्रांत और जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारीयों ने दुख वक्त किया है कि अध्यापकों की पदोन्नति और उनके लाभों को देने के लिए अधिकारी स्तर पर बहुत लेट लतीफी हो रही है ।
हैरानी की बात है कि प्रदेश में 900 से अधिक प्रधानाचार्य और हजारों अध्यापकों के पद खाली हैं लेकिन उनको भरने के लिए पदोन्नति तक विभाग द्वारा नहीं की जा सकी है। जिससे कि विद्यार्थियों की शिक्षा के गुणवत्ता में स्वाभाविक रूप से गलत असर पड़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि प्रदेश के स्कूलों में किसी भी स्तर के अध्यापकों के पद खाली न रहे इसके लिए तुरंत कार्यवाही करने का निर्देश अधिकारियों को दें।